हिचकी क्या है?


हिचकी क्या है? हिचकी क्यों आती है? हिचकी का मानव स्वभाव से क्या सम्बन्ध है? हिचकी आने पर क्या-क्या आहसास होता है? इसका जिक्र कवियों ने, लेखको ने, अपने-अपने ढंग से किया है। लेकिन हिचकी कोमल ह्रदय का अहसास है। हिचकी मन मे छुपी याद है। हिचकी सात समंदर पार होने पर भी धड़कते दिल का पैगाम है। हिचकी बिछुडे हुए दिलों का एक-दूजे को सलाम है। अगर आपको भी आ रही है हिचकी तो उठाइए कलम और लिख डालिए पाती। हिचकी भी यही कहती है की छोडिए अब झिझकी और कह डालिए हाल-ऐ- दिल। अभी इसी पल। क्योकि कभी नही आता है कल................


संपादक के बारे में


डॉ अमी आधार निडर का जन्म 15 नवम्बर 1970 को आगरा उत्तर प्रदेश में हुआ. इतिहास और पत्रकारिता में परास्नातक डा अमी ने अध्ययनरत रहते हुए ही वर्ष 1992 से पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक अमर उजाला से की. पत्रकारिता में दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, दैनिक बीपीएन टाइम्स और सी एक्सप्रेस में बतौर स्थानीय सम्पादक तक की यात्रा की. वे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में वायस आफ इण्डिया के भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी रहे. उन्होंने वर्ष 2000 से पत्रकारिता में शिक्षण का कार्य भी मथुरा में बीएसए महाविद्यालय से प्रारंभ कर दिया. 2004 में उनकी पुस्तक समाचार संकल्पना और अनुवाद को भारत सरकार ने भारतेन्दु हरिश्चंद्र पुरस्कार तथा उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान ने विष्णु राव पराडकर पुरस्कार से सम्मानित किया. अब तक डेढ़ दर्जन से अधिक पुरस्कारों से सम्मानित डॉ अमी की आधा दर्जन पुस्तकों का प्रकाशन किया जा चुका है. वर्तमान में वे मासिक पत्रिका हिचकी का प्रकाशन और सम्पादन भी कर रहे हैं. उनके विविध पत्र पत्रिकाओं में लगभग 300 लेख, 10 शोध आलेख तथा 500 कविताओं का प्रकाशन हो चुका है. उत्तर प्रदेश शासन द्वारा डॉ अमी आधार निडर को केन्द्रीय कारागार, आगरा का वीक्षक भी नियुक्त किया जा चुका है. सम्प्रति - सहायक आचार्य, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, आगरा कॉलेज आगरा.

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